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मोनोà¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚
मोनोà¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ समान या अरà¥à¤§-समान जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ होते हैं जो अपनी मां के गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के à¤à¥€à¤¤à¤° à¤à¤• ही à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• थैली साà¤à¤¾ करते हैं । [1] मोनोà¤à¤®à¥à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ हमेशा मोनोकोरियोनिक होते हैं और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आमतौर पर मोनोà¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•-मोनोकोरियोनिक ("मोमो" या "मोनो मोनो") जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ कहा जाता है। [१] [२] वे नाल को साà¤à¤¾ करते हैं , लेकिन दो अलग-अलग गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² होते हैं । मोनोà¤à¤®à¥à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤ तब विकसित होते हैं जब à¤à¤• à¤à¥à¤°à¥‚ण à¤à¤®à¥à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• थैली के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ के बाद तक विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ नहीं होता है, [1] निषेचन के लगà¤à¤— 9-13 दिनों के बाद । [३] मोनोà¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• टà¥à¤°à¤¿à¤ªà¤² या अनà¥à¤¯à¤®à¥‹à¤¨à¥‹à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• गà¥à¤£à¤• [4] संà¤à¤µ हैं, लेकिन अतà¥à¤¯à¤‚त दà¥à¤°à¥à¤²à¤ हैं। [१] अनà¥à¤¯ असà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं में गà¥à¤£à¤• सेट शामिल हैं जहां मोनोà¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ बड़े गरà¥à¤ का हिसà¥à¤¸à¤¾ होते हैं जैसे कि टà¥à¤°à¤¿à¤ªà¤², चौगà¥à¤¨à¥€, या अधिक।
बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ या à¤à¥à¤°à¥‚ण के विà¤à¤¾à¤œà¤¨ के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प मोनोज़ायगोटिक (à¤à¤• अंडा/समान) जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार की कोरियोनिसिटी और à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ (बचà¥à¤šà¥‡ की थैली कैसी दिखती है)।
घटना
मोनोà¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ दà¥à¤°à¥à¤²à¤ हैं, 35,000 में 1 से 60,000 गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ में 1 की घटना होती है। [1]
जटिलताओं
मोनोà¤à¤®à¥à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के जीवित रहने की दर 2009 में ८१% [५] से ९ ५ % [६] के रूप में उचà¥à¤š दिखाया गया है , आकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• à¤à¥à¤°à¥‚ण निगरानी के साथ, हालांकि पहले ५०% [1] से ६०% के बीच होने की सूचना दी गई थी । [४] मृतà¥à¤¯à¥ दर और रà¥à¤—à¥à¤£à¤¤à¤¾ के कारणों में शामिल हैं:
गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² उलà¤à¤¾à¤µ : दो गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² को अलग करने वाली à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ की निकटता और अनà¥à¤ªà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठà¤à¤•-दूसरे की डोरियों में उलठजाना विशेष रूप से आसान बना देती है, जिससे à¤à¥à¤°à¥‚ण की गति और विकास में बाधा उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है। [४] इसके अतिरिकà¥à¤¤, उलà¤à¤¾à¤µ के कारण पà¥à¤°à¤¸à¤µ और निषà¥à¤•ासन के दौरान à¤à¤• जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ बचà¥à¤šà¥‡ जनà¥à¤® नहर में फंस सकते हैं । [१] लगà¤à¤— हर मोनोà¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कॉरà¥à¤¡ उलà¤à¤¾à¤µ कà¥à¤› हद तक होता है। [1]
गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² संपीड़न : à¤à¤• जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ दूसरे की गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² को संकà¥à¤šà¤¿à¤¤ कर सकता है, संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ रूप से पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ और रकà¥à¤¤ के पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को रोक सकता है और इसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प à¤à¥à¤°à¥‚ण की मृतà¥à¤¯à¥ हो सकती है। [१] [४]
टà¥à¤µà¤¿à¤¨-टू-टà¥à¤µà¤¿à¤¨ टà¥à¤°à¤¾à¤‚सफà¥à¤¯à¥‚जन सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (TTTS): à¤à¤• जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾ को अधिकांश पोषण पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होता है, जिससे दूसरा जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤ कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤¿à¤¤ हो जाता है। टीटीटीà¤à¤¸ डायमनियोटिक जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में मोनोà¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ में निदान करना अधिक कठिन है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मानक विधि अनà¥à¤¯à¤¥à¤¾ थैली में तरल पदारà¥à¤¥ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ करना है। बलà¥à¤•ि, मोनोà¤à¤®à¥à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ में टीटीटीà¤à¤¸ निदान जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के शारीरिक विकास की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ पर निरà¥à¤à¤° करता है। [1]
निदान
15 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ की गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤§à¤¿ उमà¥à¤° में मोनोà¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की पेट की अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‹à¤¨à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ । à¤à¥à¤°à¥‚ण के बीच किसी à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ का कोई निशान नहीं है। à¤à¤• राजà¥à¤¯à¤¾à¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• तल को बाईं ओर जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ दिखाया गया है, और ऊपरी वकà¥à¤· और सिर के कà¥à¤› हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ का à¤à¤• धनॠतल दाईं ओर जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ दिखाया गया है।
जनà¥à¤® से पहले मोनोà¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•-मोनोकोरियोनिक जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का पता लगाने का à¤à¤•मातà¥à¤° तरीका अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड है। [४] यह कà¥à¤› हफ़à¥à¤¤à¥‡ के गरà¥à¤ के बाद जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के बीच à¤à¤• à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ की कमी दिखा सकता है, जब à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ मौजूद होने पर दिखाई देगी। [४]
उचà¥à¤š रिज़ॉलà¥à¤¯à¥‚शन वाले डॉपलर इमेजिंग और गैर-तनाव परीकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के साथ आगे के अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का आकलन करने और संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कॉरà¥à¤¡ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं की पहचान करने में मदद करते हैं। [४]
à¤à¤• à¤à¤•ल जरà¥à¤¦à¥€ थैली होने और à¤à¤• à¤à¤•ल à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• थैली होने के बीच à¤à¤• संबंध है । [१] हालांकि, जरà¥à¤¦à¥€ थैली की संखà¥à¤¯à¤¾ का पता लगाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¥à¤°à¥‚णजनन के दौरान जरà¥à¤¦à¥€ थैली गायब हो जाती है । [1]
कॉरà¥à¤¡ उलà¤à¤¾à¤µ और संपीड़न आम तौर पर धीरे-धीरे आगे बढ़ते हैं, माता-पिता और चिकितà¥à¤¸à¤¾ देखà¤à¤¾à¤² करने वालों को सावधानीपूरà¥à¤µà¤• निरà¥à¤£à¤¯ लेने की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ देते हैं। [४]
इलाज
केवल कà¥à¤› उपचार ही कोई सà¥à¤§à¤¾à¤° दे सकते हैं।
कà¥à¤› मोनोà¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में सà¥à¤²à¤¿à¤‚दैक का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—ातà¥à¤®à¤• रूप से किया गया है, जिससे à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ की मातà¥à¤°à¤¾ कम हो जाती है और जिससे à¤à¥à¤°à¥‚ण की गति बाधित हो जाती है। à¤à¤¸à¤¾ माना जाता है कि यह कॉरà¥à¤¡ उलà¤à¤¾à¤µ और संपीड़न के जोखिम को कम करता है। हालांकि, दवा के संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ की अपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ जांच की गई है। [१] [४]
वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¤à¤¾ के बाद शà¥à¤°à¥‚ होने वाले कॉरà¥à¤¡ उलà¤à¤¾à¤µ की तलाश के लिठमोनोà¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤ के मामलों के लिठनियमित और आकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• à¤à¥à¤°à¥‚ण निगरानी की सिफारिश की जाती है। कई महिलाओं में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ रोगी , निरंतर निगरानी के साथ, देखà¤à¤¾à¤² [1] अधिमानतः à¤à¤• की देखà¤à¤¾à¤² में perinatologist , à¤à¤• पà¥à¤°à¤¸à¥‚ति कि उचà¥à¤š जोखिम गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ में माहिर हैं। [४] हालांकि आरसीओजी के दिशानिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ [à¥] डायस à¤à¤Ÿ अल का हवाला देते हैं। [८] यह देखते हà¥à¤ कि गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² उलà¤à¤¾à¤µ लगà¤à¤— हमेशा मोनोà¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ में पाया जाता है और यह सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से खराब परिणामों से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ नहीं है, इसके बजाय अधिकांश à¤à¥à¤°à¥‚ण की मृतà¥à¤¯à¥ जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ उलट धमनी छिड़काव या à¤à¥à¤°à¥‚ण विसंगति से उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है ।
के नैदानिक दिशा निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ ACOG और RCOG दोनों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ समय से पहले पà¥à¤°à¤¸à¤µ की सिफारिश सीजेरियन सेकà¥à¤¶à¤¨ 32 और 34 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बीच। [९] [à¥] २०१६ में à¤à¤• पूरà¥à¤µà¤µà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥€ अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ ने तरà¥à¤• दिया कि इस बात के पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ हैं कि योनि पà¥à¤°à¤¸à¤µ समान रूप से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हो सकता है और कà¥à¤› मोनोà¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤ [१०] के लिठजटिलताओं को कम कर सकता है, लेकिन इस खोज को नैदानिक ​​दिशानिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ में शामिल नहीं किया गया है।
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